Synopsis- योग एक प्राचीन अभ्यास है, जिसकी उत्पत्ति भारत से बहुती पुरानी समय से सृष्टि। ” योग ” शब्द संस्कृत शब्द “युग” से आया है, जिसका अर्थ है “एकजुट करना” या जोड़ना जो शरीर,मन और आत्मा के मिलन का प्रतीक है।
योग में शारीरिक आसन , प्राणयाम और ध्यान शामिल हैं। यह लचीलापन,शक्ति ,एकाग्रता और आंन्तरिक शांति को बेहतर बनाने में सहायक होता है। शारीरक व्यायाम के अलावा, योग एक आध्यात्मिक अनुशासन है जो सामंजस्य ,आत्मा-जागरूकता और संतुलन जीवनशैली बढ़ावा है।
इसके लिए कई योग -प्राणायाम हैं।उनमें से नीचे दिए गए पांच आसान बहुत फायदे देते हैं। आइए उन पांच असनोंबीके बारे में जानते हैं।

Mountain Pose with Deep Breaking
ये योगा आसान का फायदा आपको आश्चर्य करदेगें, सीधे खड़े होने जैसे सरल चीज भी आपके मूड को बदल सकती हैं। माउंटेन पोज से शरीर की मुद्रा में सुधार होता है और सांस लेने की गति स्थिर हिती है, जिसका सीधे असर आपकके मूड पर पड़ता है।
कैसे करें;- आपने पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर फैलाकर खड़े हो जाएं। अपने पैरों पर समान रूप से दबाव डालें और धीरे से टांगों को सक्रिय करें।
आपानी छाती को थड़ा ऊपर उठाएं और कंधो को ढीले छोड़ दें। एक पल के लिए आंखे बंद करें और पांच गहरी सांसें लें । नाक से गहरी सांस लें, फीर धीरे-धीरे संन्स छोड़ें।
जब आप सीधे खड़े होते हैं, और खुलकर सांस लेते हैं, तो आपका शरीर आपके मस्तिष्क को आत्मविश्वास और शांत का संकेत भेजता है।यह सरल बदलाव तनाब को कम कर सकते है और स्थिरता का एहसास दिला सकता है। कभी-कभी हमें बस रुककर सीधे खड़े होने की जरूरत होती है ताकि हमारी भावनाएं शांत हो सकें।
cat cow Stretch
कैट काऊ एक कोमल और प्रवाहमय व्यायाम है, जो रीढ़ की हड्डी को सक्रिय करता है । और रक्त संचार में सुधार करता है,यह तब विशेष रूप से सहायक होता है, जब आप मानसिक रूप से थका पन महसूस करते हैं।
आपने हाथों और घुटनों के बल आ जाएं।कलाईयों कंधों के नीचे और घुटने कूल्हों के नीचे रखें। सांस लेतें हुए पेट को थोड़ा नीचे करें और छाती व टेलबोन को ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए रीढ़ गोल करें, ठुड्डी को अंदर की ओर मोड़ें और पेट को अंदर की ओर खींचें।
लगभग एक मिनिट तक धीरे-धीरे इन दो मुद्राओं के बीच गति करें। अपनी सांसों को लय का मार्गदर्शन करने दें। यह गतिविधि ओंठ और कंधे के तनाव को कम करती है, ये वे क्षेत्र है जहां अक्सर तनाव जमा होता है। कुछ बार करने के बाद, आपका शरीर गर्मी और मन शांत महसूस होगा।
Downward Facing Dog
डॉग आसान स्फूर्तिदायक और ताजगी भरा होता है। यह पूरे शरीर को फैलता है,और रक्त प्रवाह को बढ़ाता है। जिससे तुरंत ही सुस्ती दूर हो जाती है।
हाथों और घुटनों के बैठें, कूल्हों को छत की ओर उठाएं और पैरों को जितना हो सके सीधी करों । उल्टा भी आकार बनाएं। जरूरत पड़ने पर घुटनों को हल्के मोड़कर रखें और हथेलियों पर मजबूती से दबाना डालों । सिर को बाहों के बीच स्वभाविक रूप से लटकने दें।
गहिरी सांस लेते हुए 30 सकेंड तक इस मुद्रा में रहें। यह सौम्य मुद्रा शरीर के ऊपरी हिस्से और मस्तिष्क में रक्त संचार को बढ़ावा देती है।कई लोग इसे करने के तुरंत बाद अधिक जागृत और एकाग्रता महसूस करते हैं।यह कैफीन के बिना प्राकृतिक उर्जा बूस्टर की तरह है।
Cobra Pose
जब आप उदास महसूस करते हैं, तो अक्सर आपका शरीर भी इसे दर्शाता है।कंधें आहे की ओर झुक जाते हैं और छाती अंदर की ओर धंस जाती है। कोबरा पोज शरीर के सामने के हिस्से को खोलकर इसे समस्या की दूर करता है।
पेट के बल लेट जाएं और पैरों को पीछे की ओर फैलाएं। हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। हथेलियों पर हल्का दबाव डालते हुए छाती को ऊपर उठाएं। कोहनियों को थोड़ा मोड़कर रखें और कंधो को शिथिल रखें। कूल्हे ज़मीन पर टिके रहने चाहिए।
20 से 30 सेंकेड तक सांस लेते हुए इस मुद्रा में रहें । यह हल्का बेकबैंड छाती और पेट की मांसपेशियों को फैलता है और पीठ को मजबूत बनाता है। छाती खोलने से भबनात्कम रूप से अद्भुत राहत मिल सकती है। यह आपको अधिक खुल और सकारात्मक महसूस करने में मदद करता है।
child pose
कभी-कभी मूड को बेहतर बनाने के लिए खुद को ऊर्जावान बनने जरूरी नहीं होता। बल्कि शांत होना जरूरी होती है। चाइल्ड पोज़ से आप अपनी सांस की गती को धीमा कर सकते हैं। और तेज़ विचारों को शांत कर सकते हैं।
जमीन पर घुटने टेकें और एड़ियों पर टिककर बैठें। अपनी छाती को जमीन की ओर झुकाएँ और बाहों को आगे की ओर फैलाएँ । आपना माथा चटाई पर टीकाएं ।धीरे -धीरे गहरी साँसे लें।
एक से दो मिनिट तक इसी मुद्रा में रहें। अपनी सांसों के आने-जाने पर ध्यान केंद्रित करों। यह मुद्रा कमर और कूल्हों को धीरे-धीरे फैलाती है और तांत्रिक तंत्र को शांत करती है। जब आपका शरीर आराम करता है,तो अक्सर आपका मुद भी बेहतर हो जाता है।
Why yoga give benefits.
योग एक बेहतर व्ययाम है, क्योंकि यह गति को श्वास, आत्मा और शरीर का सारी अँगप्रत्यंग को एक साथ जोड़ते हैं। शारीरिक तनाव और भावनात्मक तनाव आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। जब आप मांसपेशियों को ढीला छोड़ते हैं और श्वास में सुधार करते है, तो आपको मस्तिष्क को संकेत मिलते हैं कि आराम करना सुरक्षित है। इससे तनाब हार्मोन कम हो सकते हैं और शांति की भावना बढ़ सकती है।
पांच से दोष मिनटी का अभ्यास भी आपकी सोच की बदल सकता है। मुख्य बात है इरादा । असनों को जल्दीबाजी में न करों। धीरे-धीरे आगे बढ़े और अपने शरीर की अनुभूति पर ध्यान दें। छोटी-छोटी बातें मायने रखते हैं। जैसे कंधों को आराम देने या नाक से पूरी तरह सांस लेना।
बेहतर महसुस करने के लिए अपको पूरे एक घंटे की क्लास की जरूरत नहीं है। ये पाँच योगासन आप अपने बेडरूम लींबिग रूम या काम के ब्रेक के दौरान भी कर सकते हैं। नियमितता से ही सफलता मिलती है।
