Budget kya Hai in Hindi

Budget kya Hai in Hindi

बजट- बजट एक वित्तिय है जो दर्शती है एक निश्चित अवधि, जैसे कि एक महीना या एक बर्ष, में आया कैसे अर्जित की जाएगा और खर्च की जाएगी । यह व्यक्तियों, परिवारों,व्यवसायों और सरकारों को अपने धन का बुद्धिमानी से प्रबंधन करने में मदद करता है।

बजट में आय के सभी स्रोतों की सूची होती है और खर्चों को भोजन,शिक्षा, किराया,बचन और मनोरंजन जैसे श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।

Budget of India

भारत एक आबादी वाला देश है, फिर भी वार्षिक बजट हर नागरिक तक पहुंचता है और देश की प्रगति का भूमिका निभाता है।

भारत का वार्षिक बजट, जिसे अधिकारिक तैर पर केंद्रिय बजट के नाम से जाना जाता है,भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला एक वार्षिक वित्तीय विवरण है। इसमें आगामी वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक ) के लिए देश के अनुमानित राजस्व और व्यय का विवरण दिया जाता है।

बजट वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत किया जाता है और भारत की अर्थिक नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें सरकारी व्यय , कल्याण कारी योजनाएं, अवसंरचना विकाश ,रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, और कृषि से संबधित योयनाएं शामिल होती हैं।

भारतीय बजट प्रणालियों में बजट को दो भागों में बांटा गया है, राजस्व ओर पूंजी बजट । बजट के माध्यम से सरकार का उद्धेस्व आर्थिक विकास को बढ़ावा देना ,गरीब काम करना मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और संतुलित अर्थव्यवस्था सुनिश्चित करना है।

budget ka lakshy

बजेट एक पुरानी फार्शी शब्द है ( Parshi word ) जिसका अर्थ है पर्स । बजट का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करता है, कि खर्च आय से अधिक न हो। यह बचत को प्रत्चहित करता है। व्यक्तियों के लिए बजट दैनिक आवस्यकताओं को पुरा करने और भविष्य की योजना बनाने में सहायक होता है।

सरकारों के लिए बजट यह दर्शाता है कि करों के माध्यम से सार्वजनिक धन कैसे एकत्र किया जाएगा और इसका उपयोग विकास, कल्याण,रक्षा और अन्य सेवाओं के लिए जायेगा। संक्षिप्त में यह बजट कहजाता है।

भारत देश के 145 करोड़ लोग और अलग-अलग व्यवसायी प्रतिष्ठान बेचैनी से इतजार कर रहे है, बजेट 2026 भारत का केंद्रीय वित्तीय मंत्री माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 28 जनवरी से सुरु हुए बजट सेसन साल 2026 के लिए फरवरी 1 में पूरा बजट लोक सभामें पेश किया थीं।

आइए हमारा देश भारत के सालाना बजट के बारे में कुछ ऐतिहासिक तथ्य बारे में।

Budget 2026 highlight

1-7 हाई-स्पीड रेल कॅरिडोर का निर्माण।

2-जैव -ओषधिय क्षेत्र के लिए 10.000करोड़ रुपये।

3-चीनी और कैंसर की दवाएं सस्ती होंगी।

4-एक विशाल वस्त्र उद्योग पार्क का निर्माण किया जाएगा।

5-शहरी आर्थिक क्षेत्रों के लिए वार्षिक व्यय 5000 करोड रुपये।

6-20 नए जलमार्ग तैयार किए जा रहे है।

7-चार राज्य में खनिज गकीयरा

8-3 रअसायनिक पार्कों का निर्माण।

Mahangai highlight

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2026 Budget expensive

9- लघु एंव सूरक्षा उद्योग के लिए 10.000करोड रूपये का निवेश और महात्म गांधी स्वरोजगार योजना की घोषणा की गई।

budget kya hota hai
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paper less budget

2021 बर्ष बजट में वित्त मंत्री निर्मलासितारमण ने पहली बार सांसद में पेपरलेस बजट पेश किया थीं।तब से यह प्रक्रिया जारी है। सासंद में संसद को अब बजट पुस्तिका नहीं दी जाती है। अब बजट प्रस्तुति पूरी तरह से डिजिटल हो गई है।2021 में पूरी देश कोरोना वायरस महामारी की चपटे में था। इसलिए सामुदायिक संक्रमण को रकने के लिए पेपरलेस बजट तैयारी किया गया था। इसके अलवा इसका एक और उद्देश्य कागज का उपजोग कम करना भी था। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए से किया गया था। बजट तैयार करने में पेश होने से पहले इसके लीक होने का भी खतरा था। इसलिए पेपरलेस बजट पेश करने का निर्णय लिया गया।

Budget or red briefcase

हर शाल बजेट पेश होने से ठीक पहले एक तस्वीर वायरल हो गई, जिसमें वित्तं मंत्री लाल ब्रीफकेस पकड़े हुए दिख रहे हैं। यह लाल रंग बजट का मुख्य रंग है।यानी यह बजट की सबसे बड़ी पहचान है। लेकिन यह लाल रंग ही क्यों? इसके पीछे क्या कारण है? क्या किसी ने कभी इस पर विचार किया है? क्या यही परंपरा है या इतिहास? दर असल किसी फाइल के लिए लाल रंग को प्राथमिकता देने की पंरपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है। क्योंकि ब्रिटेन में सैकड़ों वर्षों तक किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज को रखने के लिए लाल रंग की फाइलों या कपड़े के थैलों का इस्तेमाल किया जाता था। वही चलन भारत में भी ब्रिटिश शासन के समय से जारी रहा । यानी बजट पेश करते समय ही लाल रंग के ब्रीफ़केस का इस्तेमाल किया जा था। लाल रंग को प्राथमिकता देने का एक और कारण यह है कि यह शक्ति अधिकार ,महत्व और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। जब अंग्रेजों ने भारत में उपनिबेश स्थापित किए तब बजट पेश करते समय लाल रंग के ब्रीफ़केस का इस्तेमाल किया जताबता।

यही परंपरा बर्षों से चली आ रही थी।चाहे जो भी सरकारें आई और गई , लाल ब्रीफ़केस बजट की पहचान बना रहा। 2019 से ये परम्परा बदल गया , वित्त मंत्री अब संसद भवन में ब्रीफ़केस लेकर नेही आते । उसका वदले भारती सरकार ने ये पुरानी परंपरा को ताड़कर अभी एक लाल रंग का आयातकार कपड़े का थैली इस्तेमाल करना शुरू कर दिया , जिस पर एक सुनहरा कँलर से सील हुआ है।

Budget time

स्वतंत्रता के समय,केंद्रीय बजट संसद में शाम 5 बजे प्रस्तुत किया जाता था। लेकिन 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमान अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान,तत्कालीन वित्त मंत्री जी .सिन्हा ने इस परंपरा को तोड़ते हुए पहली बार केंन्द्रीय बजट सुबह 11 बजे प्रस्तुत किया । तब से बजट सुबह 11 बजे ही प्रस्तुत किया जाता है।

BUDGET HISTORY OF INDIA

स्वतंत्रता से पहले भारत का पहला बजट जेम्स विलसंन्स ने तैयार किया था। उन्होंने यह बजट 7 अप्रेल 1860 को प्रस्तुत किया था। वे ब्रिटिश वायसराय के वित्त मंत्री थे। उस समय इस बजट की राशि मात्र 22 करोड रुपए थी। स्वतन्त्र के वाद 26 नभेंबर 1947 को आ र के सन्मुखम चिठी ने स्वतंत्र भारत का पहला बजट प्रस्तुत किया । इस बजट का राशि 197.39करोड़ रूपये थी। 1950 में भारत गनतंत्र घोषित होने के बाद जान मासाई ने 405 करोड रूपेये का बजट प्रस्तुत किया। 1952 में पण्डित नेहरू के नेतृत्व में द्वश पहली निर्वाचित की सरकार स्टापन हुई। तत्तकालीन वित्त मंन्त्री सी.डी देशमुख ने वित्तीय वर्ष 2052-53 के लिए 770 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया।

Rail budget

स्वतंत्रता से 70 साल तक संसद में रेल बजट और फिर आम बजट प्रस्तुत किया जाता है।क्योंकि रेल मंत्रालयों की व्यय आवस्यकताएं अन्य मंत्रालयों की तुलना में महंगा है। लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने रेलवे बजट को आम बजट में वेश करने का फैसला किया है। 2017 में पहली बार संसद में अलग से रेलवे बजट पेश किया गया था,लेकिन उस समय रेकवे बजट सहित ही आम बजट पेश किया गया था।सुरेश प्रभ ने आखिर बार 2016 में संसद में रेलवे बजट पेश किया था। तब से, रेल बजट भी आम बजट के साथ ही पेश किया जाता रहा।

Indira Gandhi was First Prime minister to present her budget.

1969 में कांग्रेस के विभाजन और तत्कालीन वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के इस्तीफे के बाद ,तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांन्धी ने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला। 1970 में इंदिरा ने प्रधानमंत्री के रूप में संसद में केंन्द्रीय बजट पेश किया थीं।यह पहली बार जब देश के किसी प्रधानमंत्री ने बजट पेश करने वाली पहली महिला थीं। निर्मलासितरामन पहली महिला वित्त मंत्री है। मोरोरजी देशाई के बाद ,उन्होंने सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाया है।

Desai’s record budget presenting

मोरारजी देसाई ने संसद में कुल 10 बार बजट पेश किया है। उन्होंने 1959 से 1964 के बीच और फिर 1967 से 1969 के बीच कुल 10 बार बजट पेश किया है। 1969 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गान्धी के साथ मतभेदों के कारण मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ गई। उन्होंने आखिर बार 1969 में संसद में बजट पेश किया था।

बर्तमान की अर्थ मंत्री श्रीमती निर्मलासितरामन वह लगातार पहली बार सांसद में बजट पेश करने जा रहे हैं। इसमें अंतरिम बजट भी शकील है। रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने कुल 10 बार सांसद में बजट पेश किया । 1959 से 1964 तक और फिर 1967से 1969 तक । 1960 में उन्होंने कुल 16 बार बजट पेश किया 1969 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गान्धी से मतभेद से कारण उन्होंने सरकार से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ गई। इसके बाद पी चिदंबरम ने 9 बार और निर्मलासितरामन ने 8 बार बजट पेश किया अब वह नैबी बार बजट पेश करने जा रहे है । उनके व्यतीत प्रणब मुखर्जी और यशबंत सिन्हा ने भी 8-8 बार सांसद में बजट पेश किया है।

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बजट की तारिक बदलाव- भारत में वित्तीय वर्ष को 1 अप्रिल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अबधि के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसलिए स्वतंत्रता के समय से ही वित्तीय वर्ष की शुरुआत से एक महीने पहले बजट तैयारी करने और संसद में पेश करने की परंपरा चलि आ रही है लेकिन 2017 से यह परंपरा बदल गई है।अब केंद्रीय बजट हर साल 1 फरबरी को पेश किया जाता है, जबकि पहले यह लिप बर्ष या 29 फरवरी को पेश किया जाता था।

Budget speech

वित्त मंत्री के द्यारा बजट पेश करने से पहले राष्ट्र के लिए दिया जाने वाला भाषण सबसे महत्वपूर्ण होता है और इस पर सबकी अपनी-अपनी राय हिती है। इस भाषण की अबधि को लेकर भी काफी चर्चा होती है। वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सितरामन ने 2020 में अपना बजट भाषण 2 घंटे 42 मिनिट तक दिया था। यह संसद के इतिहास में किसी भी वित्त मंत्री द्यारा दिया गया सबसे लंम्बा बजट भाषण था। उन्होंने इसके पहले वर्ष 2019 में यही भाषण 2 घंटे 17 मिनिट तक था।

उन्होंने 2024 में बजट पेश करने समय केवल 56 मिनट का भाषण दिया उनको लिए यह अब तक का सबसे लंबा भाषण था।उनके लिए ये भाषण कम था।

सबसे छटा बजेट भाषण- संसद के इतिहास में सबसे छोटा बजट भाषण हिरुभाई एम .पटेल ने दिया था। 1977-78 में उन्होंने केबल 800 शब्दों का भाषण दिया था। शब्दों की दृष्टि से डॉ.मनमोहन सिंह ने 1991 में सबसे लंबी बजट भाषण दिया था,जो 18,000 शब्दों के था। 2018 में वित्त मंत्री अरुण जेटल ने 18,104 शब्दों का भाषण दिया था।

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