आपने मानव तस्करी वारे में कई वार सुना होगा। आपके पास भी किसी आदमी, औरत ,और बच्चे के लापता होने की खबर आई होगी लेकिन उसके बारे में कई खबर नहीं होती। जो लोग लापता हो जाते हैं वे कहां जाते हैं और कहां रहते हैं? आइये ऐसे ही एक घटना के बारे में जानते हैं जिसे मानव तस्करी ( human trafficking) कहते हैं।
मानव तस्करी अब विश्व में एक गांभीर समस्या बनकर उभरी है। इसमें पुरूष, महिलाओं या बच्चों को दूसरे क्षेत्र या यहां तक कि किसी विदेशी देश में तस्करी करके ले जाया जाता है।
इस क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों विशेष रुप से निशाना बनाया जाता है । इसके दो प्रमुख कारण हैं, यैन शोषन, जो मानव तस्करी का प्रमुख कारण है , और श्रम शीषण ।संयुक्त राष्ट्र विवरण के अनुसार ,विश्व भर में 4 करोड़ से अधिक लोग आधुनिक गुलामी के शिकार हैं।
येह समय है कि हम जागरूक हों और दूसरों को जागरूक करें। इसलिये हर साल जानवरि 11 तारिक को राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस मनाया जाता हैं।और 30 जुलाई में मनाया जाता हैं।

Human trafficking
हर आम आदमी अपनी रोज़ रोटी की ज़रूरतें पूरी करने के किए किसी के घर, आँफिस या कम की जगह पर नौकरी करके अपनी गुजारा करता है। बस इसी समय पर इसका फायदा उठाते है, कथाकथित शिक्षित व्यक्ति। गरीब और बेसहारा लोगों ने माया जल में फस जाते हैं। गांव का अदिबासी ,बेसहारा, अनपढ़ लोगों को रोज़गार देने के नाम पर लाया जाती है और गुलामों की तरह दूसरी जगहों पर तस्करी की जाती है या निजी कंपनियों में काम करने के लिए बेच दिया जाता है। उनकी जरूरतों और हालत को देखकर मालिक बिना किसी झिझिक़ के उनका शोषण करना शुरू कर देते हैं। उन्हें मारपीट, शारिरिक यातना और धमकियों जैसे क्रूरता का शिकार बनाया जाता है।
अक्सर उन्हें अपनी आत्मसम्मान की रक्षा करने और आपने परिवारों का पेट पालन के लिए , गरीब से बचने के लिए ,इस यातना को सहने के लिए मजबूर होना पड़ता है ।
Human trafficking international report 2026
अंतरास्ट्रीय दासता -विरोधी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार बिश्व में 49.6 मिलियन लोग आधुनिक दासता के शिकार हैं। इनमें से 27.6 मिलियन लोगों को जबरन श्रम में और 22 मिलियन लोगों को जबरन विवाह में धकेला जाता है।इस प्रकार एक चौथाई बच्चे आधुनिक दासता के शिकार हैं। घरेलू अर्थव्यवस्था में 17.3 मिलियन लोग जबरन श्रम शोषण के शिकार हैं। ऐसे ही 6.3 लाखों लोग व्यावसायिक जैन व्यापार में शामिल हैं। ये सब मानव जीवन चक्र के हिस्से हैं।
फरवरी 2019 में,अमेरिकी बहुराष्ट्रीय आमचार मिडिया सीएनएन (न्यूज़ नेटवर्क) की ध्यान खींचा । यह घटना बेहद भयावह थी। घटना के अनुसार ,एक व्यक्ति को लगभग 250 डॉलार में अलग-अलग जगहों पर बेचा गया। ये लोग खुदाई ,खनन ,कचरा इकट्ठा करने और मछ्ली और मछली पकड़ने जैसे खतरनाक काम करने अपना जीवन यापन करते है। ओर उन्हें सोने की खानों में काम करने के लिए मजबूर किया गया जाता है। उन्हें अग्रिम भुगतान पर खरीदा जाता है, इसलिए इन्हें काम के लिए अधिक भुगतान मिलता है।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पैसों की कमी के कारण कोई माता -पिता अपने बच्चे को मछुआरों को देते हैं।बताया गया है कि बदले उन्हें सैंप देते हैं।
बतया गया है कि घना के लेक बोला क्षेत्र में रहने बाले लगभग 20,000अफ्रीकी बच्चे इसी तरह ग़ुलामी में जी रहे हैं।
Human trafficking many type.
Child trafficking
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल तस्करी (Child trafficking) का मुख्य कारण है बाल श्रम। इसमें छटा कंपनियां, खदानें,होटेल, बच्चों को ले जाना,मछ्ली पकड़ना,भीख मांगना या किसी भी जोखिम भरे काम में नियुक्त किया जा रहा है।
इसके अलावा बाल तस्करी में बच्चों को बंधुआ मजदूरों घरेलू कामगारों आदि के रुप में काम पर लगाया जाता है।
वेश्यावृत्ति, व्यावसायिक जैन शोषण, उंट चालकों, बल सैनिकों, और खाद्य उद्योगों में श्रम का उपजोग किया जाता है। गुलामी ,दस भी प्रचलित हुआ है शोषण के अन्य रूप में।
नवालक तथा 18 बर्ष से कम उम्र के बच्चों को (भर्ती,परिवहन स्तानन्तरण, किसी भी व्यवसाया या संगठित अपराध में रोजगार के लिए) भर्ती करना भी बल तस्करी का एक अन्य हिस्सा हैं।
अंन्तराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार ,बाल तस्करी और बाल श्रम गुलामी के सबसे बुरे रूप हैं, जाहां बच्चों को उनके बच्चपन, शक्ति और गारिमा से वंचित किया जाता और उन्हें शरीरिक और मनोवैज्ञानिक शोषण का शिकार बनाया जाता है।
Debt Bondege
कुछ श्रमिक अपनी जिंदगी के आखिर तक एक ही ऑर्गनाइजेशन या एक मलिक के लिए काम करते हैं। इनको बंधुआ मजदूरों (Debt bondege) कहा जा सकता है। ये गरीब और बेरोजगारी लोगों को निशाना बनाते हैं।इन्हें निर्माण,कृषि या घरेलू कामों में बहुत कम या विना वेतन के काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। क्योंकि ये इन्हें अग्रिम भुगतान पर लाया जाता है, इसलिए इन्हें बिना वेतन के काम करने के लिए बाध्य किया जाता है।
गरीब और बेरोजगारी लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके उनसे पैसे लेते हैं।और उन्हें विदेश में बेच देते हैं। इसके कई उदाहरण समय-समय पर टेलीविजन पर देखने को मिलते हैं।कुछ जगहों पर , काम पर पैसे न मिलने के कारण गरीब अफीम मजदूरों के वीडियो वायरल हो जाता हैं।और कहाँ कोई मजदूर ज़ुल्म न सह पाने की वजह से अपनी जान गँबा देते है,ये तस्करी इंनसानियों के लिए सवसे वड़ा विपद है।
ऐसी शिकायतें भी आती हैं, श्रमिकों उनके गंतव्य स्तान पर पहुंचने पर उनका पासपोर्ट को जाली वताकर जबरदस्त छीन लिए जाते हैं, जिससे उन्हें विदेशी कानून फस जाने के डर से बंधक के रूप में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ऐसी भी कुछ अन्य लोग अपने ऋणों का भुगतान न कर पाने के कारण आपने मालिकों के आदेश पर अलग-अलग स्थानों पर जाने या यहां तक कि विदेश जाने के लिए मजबूर हो जाते है।
Organ trafficking
अंग तस्करी( organ trafficking) यह अब मानव समाज का सबसे व्यापक अंतरास्ट्रीय अवैध व्यापार है। इसमें गुर्दे या अन्य महत्वपूर्ण अंग व्यक्ति की सहमति के विना या वित्तीय प्रलभन देकर शरीर से निकल लिए जाते हैं। और करोड़ों रुपए में बेचे जाते हैं।
कई बार ऐसे धोके का शिकार होने वाले लोगों को जानबूझकर मौत के दरवाजा धकेला जा रहा है।
ग्लोबल फाइनेंशियल इंटिग्रिटी ( GFI) की एक रिपोर्ट मुताबिक,दुनिआ में प्रतिदिन होने वाले अंग प्रत्यारोपणों में से 10%में चोरी किए गए अंगों का उपयोग किया जाता है।
अंग प्रत्यारोपण गुर्दे, कॉर्निया, फ़फेड,हृदय, आँखों,और यकृत के अबैध व्यापार का एक रूप है। हालांकि कई प्रभाशाली लोग इस जघन्य कृत्य में शामिल हैं। लेकिन उनका पता लगाना संभव नहीं है। यहां तक कि सरकार भी इस मामले में चुप्पी साधने को मजबूरी है।
women trafficking

हर दिन कुछना कुछ आवाज आता है आज वे महिला लापता हुआ है। हमारे देश में ये वात रोज -रोज का वात। इस क्षेत्र में विशेष रूप से गरीब कामकाजी महिलाओं और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। हमारा देश भारत में दहेज की समस्या एक बड़ा बोझ बन चुकी है,ऐसे में किसी गरीब और बेरोजगारी व्यक्ति के लिए लड़की का विवाह एक बड़ी समस्या बन जाता है। कुछ दलाल इसका फायदा उठाते हैं। वे लड़की के अभिभावकों को बड़ी-बड़ी सपने दिखाकर उसे अगवा कर लेते हैं । इसके बाद लड़की का पता लगाने मुश्किल हो जाता है।
महिलाओं और लड़कियों की तस्करी मुख्य रूप से व्यावसायिक और जाएं यैन शोषण के लिए की जाती है। पहले उन्हें शीषण भयनक सपने दिखाए जाते हैं और फिर उन्हें ऐसे काम में धकेल दिया जाता है, या क्या बाहर जा सकता हैं और किसी को भी सपना चेहरा दिखा सकते है ।उनका पूरे जीवन एक घने अंधेरे कुएं में बीत जाता है, और घर पर अपने परिवार के चेहरों को देखना मुश्किल हो जाता है।
व्यवसायक क्षेत्र में , जुवतियों या लड़कियों को जबरदस्त शादी या वृद्ध पुरुषों के साथ यौन दासता में बेच दिया जाता है। कुछ जगहों पर , लड़कियों को उनकी इच्छा के विरूद्ध समाज सेंटरों या होटलों में काम करने के लिए मजबुरी किया जाता है। वे चाहकर भी वहां से नहीं जा सकती।
प्रलभन और झूठे वादों का लालच देकर दूर -दराज के इलाकों से महिलाओं को इकठ्ठा करते हैं अलग -अलग जगहों पर भेजते हैं। इससे तस्करों को पर्याप्त धन मिलता हैं ।
