पूरी दुनिया में हर काम आँनलइन में होता है। यनी दुनिया की कोई भी जानकारी आपकी हथेली पर उपलब्ध है। यह इंटरनेट के माध्यम से संभव है, भारत में भी इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग अब सभी क्षेत्र में देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार इसका सबसे ज्यादा प्रयोग भारत में होता है।
भारत में मनोंरजन क्षेत्र में इंटरनेट का व्यापक उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है, जैसे ,फेसवुक,ह्यास्टअप,इनष्टाग्राम्,आदि। और इनके माध्यम से कोइ अपराध किया जाते है। जैसे वीडियों काँल माध्यम से यौन उत्पीडन,गंदगी गालि देना,जाति और धर्म को लेकर टिप्पणी करना,रंग और शरीर के बारे में अपमानित करना, इन सवको आँनलाइन उप्तीड़न कहा जाता है। भारत में यह अपराध बढ़ता जा रहा है,ये एक गंभीर की मामला है। ( NCRB) न्यासनाल क्राइम व्युरो की रिपर्ट के अनुसार भारत में आँनलाइन उत्पीड़न सबसे अधिक । संख्यो की रिपर्ट अनुसार 66 % से अधिक,इनमें से 33 % अधिक बच्चे इशके शिकार हैं। इसी तरह 2018 की तुलना में 2019 में साइबर अपराधों की संख्या में 638 % की वृद्धि हुई। हालाँकि येह आँनलाइन फत्पीड़न हर दिन सुना जाता है. जैसे सोशल मीडिया उत्पीड़न,धमकाना, गंदगी भाषा बोलना आदि। इसी तरह ह्याकिंग माध्यम से किसी भी निजी फोटो या भीडियो को वाइराल करने की धमकी देना और पैसा की मांग करना,धमकी देना,किसी की प्रतिष्ठा को नुकसाना पहुंचान के लिए झूठी खबर फैलाना आदि भी फत्पिड़न श्रेणी में आते हैं। इसासे किसी भी समूह या व्यक्ति के विरूद्ध घृणा, हिंसा और दंगा भड़क सकते हैं। इसमें व्यक्ति के स्वतंत्रता के अधिकार पर संदेह है।
भारत में मानव स्वतंत्रता से संबंधित कई कानुन हैं, भारतीय संविधान भी व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है तथा एकता और शांति को बाधित करने वाली अभीव्यक्ति पर रोक लगाता है। भारतीय कानून के तहत किसी की भावनाओं,सम्मान ,धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या, जाति, जन्म स्थान या भाषा के आधार पर किसी समूह या समुदाय को लक्षित करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करना अपराध है।
Online Ragging
स्कुल, काँलेज ,छात्रावास या किसी संगठन में जिस प्रकार सिनीयर छात्र जूनियर छात्रों को हरकत( Ragging) करते है,उसी प्रकार लुटपात, हरकत आँनलाइन में भी हती है, विशेष रूप से स्कुल या काँलेज के उच्च श्रेणी के छात्र अपने निम्न श्रेणी के छात्र को उनकी सोशल मीड़िया में खाते पर विभीन्न अश्लील और धमकी भरे संदेश भेजकर घमकाते हैं। यहां तक कि वे उनकी तस्विरें लेकर उन्हें कुछ अनुचित कार्य करने के लिए मजबूर करते हैं। ये सवसे बड़ा आँनलाइन हारासमेंट है। ये आँनलाइन रैगींग के मामले अब भारत की तुलना में विदेशों में अधिक देख जाते हैं। यहां तक कि विदेशं में लूटपाट के लिए विशेष आँनलाइन समूह भी है।
ब्रिटान में स्वानसी विश्वविद्यालय, आँक्सफोर्ड विस्वविद्यालय, और बर्मिंघं विश्वविद्यालय के संयुक्त सोध के अनुसार, किशोर विशष रूप से आँनलाइन बदमाशी के प्रति संवेदनशील होते हैं।
Bulling
सोशल मीडि़या के माध्यम से किसी से किसी को अश्र्लिल और धमकी भरे संदेश भेजना या किसी भी रूप में परेशान सइबरबुलिंग (Cyber Bulling ) कहलाता है। यह अपराध सोशल नेटवर्किग, वेबसाइट, ई-मेल,चैट,आदि के माद्यम से किया जाता है। इसे आँनलाइन दुर्व्यवहार का मुख्य कारण बताया जाता है। विशेषकर युवा पुरूषों और महिलाऔं को शिकार बनाया जाता है। लगभग हर आत्महत्या मामला इसी वजह से प्रकाश में आता है। एक अध्ययन से पता चला है कि साइबर बदमाशी के शिकार बच्चों और सिशोंर के मानसिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण परीवर्तन आते हैं। वे या तो खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं या आत्महत्या जैसे चरम कदम उठा लेते हैं।
Online hate speech
अब इसे देखने गया था की इंटरनेट के माध्यम से घृणास्पद भाषण आसानी से फैलता है। कई व्यक्ति या समूह सोशल मीड़िया प्लेटफँर्म पर खुलेआम अपनी नकरात्मक टिप्पणियां व्यक्त करता हैं। परिणामस्वरूप इंटरनेट पर होने वाली मौखिक लढ़इयां कभी-कभी हिंसा का रूप ले लेती हैं। वे प्रसिद्धि पाने के लिए, विशोषकर इंटरनेट पर घृणास्पद भाषण देते हैं। इनमें कुछ उपयोगीकर्ता किसी विशेष किसी विशेष उपयोगीकर्ता को निशाना बनाता हैं और मानहानिकारक या धमकी भरे बयान देते हैं। परिणामस्वरूप इसके आधार पर हिंसा पौदा होती है। भारतमें आँनलाइन घृणास्पद भाषण विशेष रूप से सांप्रदायिक संघर्षों ,से भरा हुआ है। इसकी एक बड़ी घटना 2010 में हुई थी। उत्तर-पूर्व दिल्ली में मुस्लिम विरोधी दंगोंके दौरान एक हिंद पक्ष के कुछ सदस्यों ने 30 वर्षीय मीर खान की हत्या कर थी। परीणामस्वरूप दोनों समुदायों के बीच झड़पें देखी गईं । इसका मुख्य कारण आमिर का आँनलाइन नफरत भरा भाषण।
Cyber Stocking
आँनलाइन में किए जाने वाले उत्पीड़न को साइबरस्टाँकिंग कहा जाता है।व्हाट्सएप,इंस्टग्राम,फेसबुक, या अन्य सोशल या ईमेल के माध्यम से किसी को धमकाकर उसे निशाना बनाना या यदी आप अश्लिल संदेश भेजते हैं, तो इसे साइबर स्टँकिंग काहा ताजा है। इसके आलावा साइबरस्टाँकिंंग में इंटरनेट के माध्यम से किसी की गतिविधीयों पर नज़र रखना, किसी के ड़ेटा से छेड़छाड या उसे नुकसान पहुंचाना,धमकी देना किसी के खिलाफ झुठे आरोप लगाना, पहचान की चोरी,यौन उत्पीड़न,यातना देना आदि शामिल है। इससे पीड़ित व्यक्ति आपराधिक कृत्य करने या आत्महत्या करने जैसे चरम कदम उठा सकता है। ऐसे मामले न केवल भरत में बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कुछ विकासशील देशों में भी देखे जाते हैं।
Insult on Social media
सोसल मीडिया पर उत्पीड़न या परेशान करना एक व्यपक मुद्दा बन गया है। सोशल मीड़िया और आँमलाइन प्लेटफफँर्म की बढ़ती मांग के कारण लोग पहले की तुलना में अधिक सहजात से संवाद करने में सक्षम हो गए हैं। इससे आँनलाइन उत्पीड़न की घ़टनाऔं में भी वृद्धि हुई है। यह किसी भी प्रकार के अपमानजनक व्यवहार को संदर्भित करता है। उदाहरण के लिए किसी के शरीर रंग, रंग या चेहरे के बारे में टिप्पणी करना,उनकी जाती या वित्तीय स्थिति का मजाक उड़ाना आदि। विशेष रूप से डिजिटल चैनलों में एक समूह दूसरे समूह को या एक पार्टी दुसरे को निशाना बनाती है। इसके साथ ही महीलाओं और छोटे बच्चों को भी सोशल मीडिया के जरिए अपमानित होना पड़ता है। वे अस्कर डर और शर्म के कारण लिंग,जाति ,धर्म,यौन,अभिवीन्यास,रजनिती,विचीर या विकलांगता के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।
