पैन कार्ड(Pan card) जो भारतीय आयकर विभाग द्यारा 1961 के तहत जारी किया जाता है। ये 10- डिजिट का एक अनोखा नंबर वाला कार्ड है। हर क्षेत्र में या नगद लेनदेन करवार में अवस्यक पड़ता है।
आयकर विभाग कानून के अनुसार बैक में नगद जमा करने,खरीदने या होटेल का बड़ा बिल चुकाने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है।नए आयकर अधिनियम के तहत,कई लेने-देनों के लिए पैन कार्ड के उपयोग की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्रालय के एक सूत्री के अनुसार ,केन्द्रीय प्रत्येक्ष कर बोर्ड ( सीबीडीटी) परिपत्र 2026 पर परामर्श के बाद नियमों को अंतिम रूप देगा और मार्च के पहले सप्ताह तक इन्हें बधिसूची कर आकता है।
ये बदलाव नए आयकर अधिनियम -2025 के साथ 1 अप्रेल से प्रभावी होंगे। आइए इस संदर्भ में, पैन कार्ड का उपयोग और इसकी आवश्यकता कहां से होगा जानते हैं।
बैंक नगद जमा- किसी व्यक्ति के लिए या एक से अधिक खातों से एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की आवश्यकता होगी,हालांकि नियम यह है कि एक ही दिन में 50,000 रुपये से अधिक की नगद जमा के लिए पैन की आवश्यकता होती है।

वाहन क्रय-
5 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले किसी भी वाहन, जिसमें मोटरसाइकिल भी शामिल है, जो भी 5 लाख से अधिक हिगा पैन कार्ड( Pen card) निश्चित रूप से अवश्यक पड़ेगा। वर्तमान नियमों के अनुसार ,दोपहिया वहनों के लिए पैन अनिवार्य नहीं था।
होटल रेस्तरां भुगतान-
यदि होटल-रेस्तरां बिल सम्मेलन केंद्र,भोज कक्ष या इवेंट मैनेजमेंट सेवाओं का सुल्क ब 1लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो पैन यह आवश्यक होगा। फिलहाल यह सिमा 50,000 रुपये निर्धारित की गई है।
परिसंपत्ति लेनदेन
20 लाख रुपये से अधिक मूल्य की किसी भी अचल संपत्ति की खरीद,बिक्रि और उपहार के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा। वर्तमान में यही सिमा 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
बीमा लेनदेन
बीमा कंपनी के साथ खाता- अधारित संबंध शुरू करने के लिए पैन कार्ड की आवश्यकता होगा। वर्तमान में पैन कार्ड की आवश्यकता तब होती है जब जीवन बीमा प्रीमियम 50.000 रुपये से अधिक हो।
डिजिटल भुगतान
इसमें क्रिप्टों संपति सेवा प्रदानाओं के लिए सख्त रिपोन्टीग और उचित जांच-पड़ताल का प्रस्ताव है। इसके अलावा,इसमें सेंट्रेल बैंक डिजिटल करेंसी (cbdc) को एक वैध इलेक्ट्रॉनिक भुगतान किया गया है।इस कारवार में भी पैन कार्ड का जरूरत होगी।
