सबको पता है आम एक मीठा, रसीला ट्रॉपिकाना फल है जिसे ” फलों का राजा” कहा जाता है। यह फल आमतौर पर गर्मी के मौसम में मिलती है। भारत में ये फल की लोकप्रियता अधिक है और विश्व में इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। इसका स्वादिष्ट स्वाद और मनमोहन सुगंध इसे दुनिया के सबसे पसंदीदा फलों में से एक है।
विश्व में आम का सबसे बड़ा उत्पादक;-

भारत विश्व में आम का सबसे बड़ा उत्पादनक देश है। यह प्रतिबर्ष वैश्विक आम उत्पादन में लगभग 40-45% का योगदान देता है। उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र जैसे कई भारतीय राज्यों में आम की व्यापक रूप से खेती की जाती है। देश। की अनुकूल बाताबरण जलवायु ,उपजाऊ मिट्टी और लंबा फसल चक्र इसे आम की खेती के लिए आर्दश बनाते हैं। भारत का क़िस्मों भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। किस्मों में अल्फ़ोंसो ,दशहरी,लँगड़ा,और केसर शामिल हैं।
उस तरह आम के अन्य प्रमुख उत्पादक देश चीन,थाईलैंड, इंडोनेशिया और मेस्किको हैं। लेकिन उनका उत्पादन भारत की तुलना में काफी कम है।
भारत में आम का प्रमुख उत्पादक राज्य :-
भारत का हर राज्य में आम का उत्पादन हो रही है। लेकिन आम का प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है। यह राज्य प्रतिबर्ष देश में सबसे अधिक आम का उत्पादन करता है। इस राज्य की प्रसिद्ध किस्मों में किस्म शामिल है। विशेष रूप से लखनऊ के पास मालिहाबाद की किस्म ।
आम उत्पादन में अग्रणी अन्य राज्य निम्नलिखित है;
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार , महाराष्ट्र इनमें से महाराष्ट्र अल्फोसों अमो के लिए प्रसिद्ध है, जबकि आंध्र प्रदेश बगनपल्ली किस्म के आमों के लिए जाना जाता है।
भारत में आम की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी-
जलवायु;- आम की सबसे अच्छी वृद्धि उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय लाजवायु में होती है। इसके अच्छे विकास के लिए 24%से 30% के बीच गर्मी तापमान आवश्यक है। आम के पेड़ों को फूल आने और फल लगाने के समय शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है। फूल आने के समय अत्यधिक बारिश या नामी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। आम गर्मियों के उच्च तापमान को सहन कर सकती है, लेकिन पाले और अत्यधिक ठड के प्रति संवेदनशील होती है। उत्तर प्रेदेश ,महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य इसके लिए उपयुक्त जलवायु परिस्तिथियोँ प्रदान करते हैं।
मिट्टी;- आम की खेती अछि जल निकासी वाली दोमट, बलुई दोमट या जलोढ़ मिट्टी में अच्छी तरह से होती है।मिट्टी का आदर्श pH5.5 से 7.5 के बीच होता है। जालभराब वाली या खारी मिट्टी आम की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती है।
इसलिए भारत में आम की खेती के लिए गर्म जलवायु और अच्छी जल निकाश वाली उपजाऊ मिट्टी आवश्यक है।
भारत में आम के निर्यात का महत्व;-
भारत विश्व में आम का सबसे बड़ा उत्पादक और अग्रणी निर्यातक देश है । आम का निर्यात भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है और लाखों किसानों को आजीविका मिलती है।भारतीय आम संयुक्त अरब अमीरात ,यूनाइटेड किंगडम,संयुक्त राज्य अमेरिका,बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों को निर्यात किए जाते हैं। अल्फोसों, केसर, दशहरि और बंगनपल्ली जैसे लोकप्रिय क़िस्में आपने समृद्ध स्वाद और सुगंध के कारण बहुत अधिक मांग में हैं। आम के निर्यात से कृषि पैकेजिंग और परिवहन क्षेत्र में रोजगार सृस्टि होती है।
भारतीय आम उत्पादकों के बारे में कुछ रोचक तथ्य ;-
भारत विश्व में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जो विश्व के कुल आम उत्पादन में लोगभग आधा योगदान देता है।
भारत में आम का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है।
प्रसिद्ध अल्फोसों आम मुख्य रूप से महाराष्ट्र में उगाया जाता है और इसका निर्यात विश्व स्तर पर किया जाता है।
चीन विश्व स्तर पर आम दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
उष्णकटिबंधीय और जालवायु वाले 100 से अधिक देशों में लगाया जाता है।
भारत में आम की 1000 से अधिक किस्मों उगाई जाती हैं। लेकिन व्यावसायिक रूप से केवल कुछ ही किस्मों का निर्माण किया जाता है।
आम का उत्पादन लाखों किसानों की आजीविका का साधन है,और कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभता है।
भारतीय आम की विविध किस्मों-
हमारा भारत में आम की कई किस्मों उगाई जाती है, जो आकर,रंग,हर क्षेत्र में भिन्न होति हैं,। इस किस्मों के चयन क्षेत्रीय जालवायु भूमि की स्थिति और परिवेश आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है।
बाजार के खपत- भरतीय आम आमतौर हर जगह में राज करता हैं। इसका मांग बाजार में ज्यादा है।
