Blog by. U Behera
Synopsis:- जनगणना (Censun ) ;- जनगणना किसी देश की जनसंख्या के बारे में जानकारी एकत्र की आधिकारिक प्रक्रिया है। यह आमतौर पर सरकार द्वारा नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है। ताकि आयु,लिंग,व्यवसाय शिक्षा और आवास की स्थिति जैसे आंकड़े एकत्र किए जा सकें। यह जानकारी विकाश की योजना बनाने,सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करने और महत्वपूर्ण सरकारी नीतियों नीतियां बनाने में सहायक होती है।जनगणना जनसंख्या वृद्धि ,वितरण और सामाजिक स्थितियों को समझनें में भी मदद करती है। यह आर्थिक नियोजन, संसाधन आंवटन और सरकारी में प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सटीक जनगणना आंकडे किसी राष्ट्र को अपने लोंगो के कल्याण और प्रगति के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं।
Census ( janganana) kya hai.
census;जनगणना का ये अर्थ है,किसी देश या क्षेत्र में सभी व्यक्तियों अथवा देश में कितना लोगों की आधिकारिक गणना और उनके बारे में जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया है। यह आमतौर पर सरकार द्वारा कुल जनसंख्या और आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय और जीवन स्तर जैसी जानकारीयों को जानने के लिए आयोजित की जाती है।जनगणना सरकार को विकास कार्यक्रमों की योजना बनाने ,सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने और संसाधनों का उचित वितरण करने में मदद करती है। यह किसी देश में जनसंख्या वृद्धि और सामाजिक परिवर्तनों को समझने में भी सहायक होती है।

Bharat ki janganana
भारत की जनगणना भारत सरकार द्वारा हर दश साल में आयोजित किया जाता है। सरकारी कर्मचारियों को लेकर एक व्यापक जनसंख्या सर्वेक्षण माध्यम से ये करवाई होता है। इसमें देश की हर नागरिकों की डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। जैसे जनसंख्या के बारे में आयु, और आवास की स्थिति सहित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाती है।भारत में पहली पूर्ण जनगणना 1872 में आयोजित की गई थी। जबकि पहली समकालिक जनगणना 1881 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी।
स्वतंत्रता के वाद से, जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नियमित रूप से जनगणना की जाती रही है। जिससे आंकडों की गोपनीयता और सटीकता सुनिश्चित होती है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना का कार्यलय जनगणना के आयोजन और संचालन के लिए जिम्मेदार है।।
भारत की जनगणना नियोजत और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सरकार को कल्याणकारी योजनाओं को तैयार करने,संसाधनों का आंवटन करने और जनसंखिकियो रुझानों को समझने में मदद करती है।इसे सबसे महत्वपूर्ण जनगणना प्रणालियों में से एक माना जाता है।
The first census in India was conducted by the British government in 1881
भारत में पहले जनगणना किसने किया था।
भारत में पहली पूर्ण और व्यवस्थित जनगणना 1872 में ब्रिटिश शासन के दौरान लॉर्ड मेया के नेतृत्व में शुरू की गई थी। हालाँकि यह पूरी तरह से समकालीन नहीं थी। क्योंकि हर जगह एक ही तारीख को नहीं की गई थी।
भारत की पहली नियमित और समकालीन जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। 1881 से जनगणना हर 10 साल में आयोजित की जाती है।
जनगणना की प्रमुख कथा:-
1- पहला प्रयास 1872 – लॉर्ड मेयो द्वारा शुरू किया गया।
2- पहली आधिकारिक राष्ट्रव्यापी जनगणना 1881 में लॉर्ड रिपन के शासनकाल में।
3- आवृत्ति हर 10 साल में।
4- आआयोजक भारत सरकार।
इसलिए 1881 को भारत की पहली आधिकारिक जनगणना माना जाता है।
जनगणना की आवश्यकता क्यों है:
किसी देश की जनसंख्या के बारे में संपूर्ण जानकारी एकत्रित करने के लिए जनगणना आवश्यक है।इससे सरकार को यह जानने में मदद मिलती है कि विभिन्न क्षेत्रों में कितने लोग रहते हैं और उनका स्तिति क्या हैं।उनकी आयु ,शिक्षा, रोजगार और जीवन स्तर क्या हैं।

जनगणना की प्रमुख आवश्यकता क्यों है:
- कुल जनसंख्या का आकार जानने के लिए
- स्कूलों अस्पतालों और सड़कों की योजना बनाने के लिए
- सरकारी धन का समूचित आवंटन करना
- चुनाव विर्वाचन क्षेत्रों का निर्णय करना
- साक्षरता और रोजगार के स्तर को समझन
- आवास और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करना
संक्षेप में जनगणना सरकार को विकास के लिए बेहतर इजनाएँ बनाने और लोगों को निष्पक्ष रूप से सुविधाएँ प्रदान करने में मदद करती है।

भारत की आखिरी जनगणना:-
भारत में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी।जिसे 2011 की भारतीय जनगणना कहा जाता है।
- इसके अनुसार भारत की जनसंख्या लगभग 1.21 अरब ( 121 करोड़ ) है।
- भारत में जनगणना आमतौर पर हर 10 साल में कई जाती है।
अगली जंग जनगणना 2021 में होनी थी,लेकिन कोविड- 19 और अन्य कारणों से इसमें देरी हुई।अब सरकार की योजना 2027 में भारत की जनगणना आयोजित करने की है। जिसकी सुरुआत 2026 में आवास संबंधी से और 2027 में जनसंख्या गणना से होगी।

भारत में अंतिम जनगणना 2011
अगली जनगणना की योजना 2026- 2027
1951 पहली जनगणना
स्वतंत्रता के बाद भारत की पहली जनगणना 1951 में आयोजित हुई थी।
- वर्ष:1951
- प्रधान मंत्री: जवाहरलाल नेहरू
- यह स्वतंत्रता के बाद पहली पूर्ण जनगणना थी
- जनसंख्या लगभग 36.1 करोड़( 361 मिकीयन
- इसमें आजादी के बाद अदिकांश राज्य शामिल थे।(जम्मू कश्मीर जैसे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर जिनके सीमित आंकड़े उपलब्ध थे।
इस जनगणना ने सरकार को नए राष्ट्र के लिए विकाश,संसाधन,शिक्षा और रोजगार की योजना बनाने में मदद की।

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