
मनसून मौसम और सर्दियों के मौसम में लोगों को सर्दी लगने की संभावना ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए कई तरह के प्राकृतिक ट्रीटमेंट इस्तेमाल किए जाते हैं। कुछ लोग हल्दी वाला दूध इस्तेमाल करते हैं और इससे कई फायदे मिलते हैं। कई लोग इसका सही इस्तेमाल नहीं जनते ।इस वजह से कई तरह की दिक्कतें होती हैं।आइये जानते हैं इसका इस्तेमाल कैसे करें।

हल्दी ओर दूध का उपकार-
हल्दी वाला दूध सर्दी, खांसी और फ्लू से लड़ने में मदद करता है।बरसात के दिनों में मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने के लिए वयस्कों को इसे पीने की विशेष सलाह दी जाती है। हल्दी वाला दूध न केवल मांसपेशियों के दर्द से राहत देता है, बल्कि अच्छी नींद लाने में भी सहायक होता है।स्वस्थ और सोने से एक घंटा पहले पीने चाहिए।
हल्दी वाला दूध पीने के तुरंत बाद न सोए-
हल्दी और दूध का एक गिलास कैलोर से भरपूर होता है ।इसलिए दूध पीने के बाद कुछ देर घर में टहलें। फिर सो जाएं। क्योंकि दूध पीकर सोना पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी आमस्याएं पैदा कर सकता है। डाँक्टरों के अनुसार ,हल्दी में करक्यूमिन होती है, जिसमें सूजन – रोधी गुण होती हैं।यह पाचन तंत्र को आराम देबे में मदद करता है। इस के साथ ही,अगर मामलेदार खाना खाने से भी स्थिति और बिगड़ सकती है।इसलिए इस दिन पीने से बचें एसिडिटी कीं समस्या हो सकती है।
एसिडिटी समस्या
मछली और मांस भारी खाद्य पदार्थ हैं, दूध भी एक भारी पदार्थ है।इसलिए भारी भोजन करने के बाद रात में दूध पीने से पाचन क्रिया ठीक से नहीं हो रहा है।इसलिए अम्ल निर्माण करता है ।इसलिए पेट खट्टी डकार जैसे समस्याएं होती हैं।
दूध में चीनी न डालें-
बहुत से लोग दूध में चीनी मिलाकर पीते हैं। दूध में हल्दी मिलाते समय चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। सादे दूध में भी चीनी न डालें।अगर आप हल्दी वाला दूध पी रहे है, तो पूरा गिलास न पिएं, बल्कि थोड़ी- थोड़ी मात्रा में एक छोटा चम्मच हल्दी ही डालें। रात में दूध में बिना चीनी वाले हल्दी मिलाने से पाचन क्रिया खराब हो सकती है और एसिडिटी हो सकती । गाढ़े दूध की जगह कम वासा वाला पतला दूध पिएं।
