बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्यार का मौसम भी सुरुआत हुई,नई उमीद के साथ उपहारों से लेकर वादों तक, प्रेम के कई चरण होते हैं। प्रेम की परिभाषा केवल यूवावस्था के आकर्षण तक ही सीमित नहीं है। पर्यावरण में आत्मा-प्रेम काफी महत्व है, क्योंकि आत्मप्रेम ही संसार है। यही प्रेम का मार्ग दिखाता है।
आइए इस वैलेंटाइन वीक में प्यार या महबत के बारे में कुछ खास बातें जानेंगे।
Valentine day प्रेमसप्ताह – वसंत के आगमन से पृथ्वी पुनर्जीवित हो उठती है, और कठोर शीतकाल से उबरकर नए वस्त्र धारण करने लगती है। ऐसे समय में मनुष्य के मन में एक अनूठा भाव जागृत होती है। केवल मनुष्य ही नही ,ब्रह्मांड के सारी जीव – जंतु और देवता भी इस भाव से अंतर नहीं हैं।यह भाव केवल प्रेम के नाम से ही अनुभव किया जा सकता है । मनुष्य इसे मन का आकर्षण ,हृदय का प्रेम समझते हैं।
प्रेम के विना सृष्टि और अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रेम जीवन जीने के लिए निःसंदेह आवश्यक है। जन्म से मृत्यु तक प्रेम ही जीवन को पोषण देने वाली मुख्य औषधि है। आधुनिक समय में प्रेम के प्रभाव को और बढ़ाने के लिए एक विशेष दिन निर्धारित किया गया है और प्रेम का यह त्यहार कई सप्ताहों तक मनाया जाता है। जो है वैलेंटाइन डे।

वैलेंटाइन डे प्यार जताना का एक खास दिन है।हालांकि कई लोग इस प्यार को सिर्फ अपने जीवनसाथी या प्रेम तक ही सीमित रखते हैं। असल में ,उन्हें और जीवन के अन्य रिश्तों को भी प्यार की जरूरत होती है।प्यार एक ऐसा एहसास है जिसकी कोई सीमा नहीं होती ।और अगर दिल टूटने की बात हो तो कोई भी व्यक्ति कोई भी घटना दिल तड़ सकती है। इसलिए प्यार के दायर को बढना और उसमें अलग-अलग रिश्तों को शामिल करना जरूरी है,साथ ही वैलेन्टाइन डे पर प्यार के मायने और जरूरत को सही ढंग से समझना भी जरूरत है।
प्यार का इस संदर्भ में आत्म -प्रेम का अर्थ है स्वयं को पूर्णतः स्वीकार करना ,स्वयं का भावनाओं को सम्नान करना और अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना । आत्म-प्रेम नकारात्मक विचारों को कम करता है और मन की शांति प्रदान करता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति आंतरिक आनंद प्राप्त कर सकता है। और दूसरे की साथ स्वस्थ्य संबध बना सकता है। आत्मा -प्रेम का श्रेष्ठ सिद्धान्त है ना कहना है। जो चीजें आपको हानिकारक लगता हैं, जन्हें ना कहना जरूरी हैं। इसलिए अपनी तुलना किसी से न करों
Valentine day History
हर साल 14 फरवरी को मनाया जाने वाला वैलेंटाइन डे, प्राचीन रोम का एक इतिहास है। इसका संबध संत वैलेंटाइन से है, जो तिशरी सताब्दि में रहने वाले एक पुजारी( Priest) थे। किंवदंती के अनुसार ,सम्राट क्लॉडियस द्वितीय ने युवा सैनिकों के विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि उनका मानना था कि अविवाहित पुरुष बेहतर योद्धा होते है। वैलेंटाइन ने गुप्त रुओ से प्रेम करने वाले जोड़ों के विवाह करवाए। जब इसका पता चला, तो उन्हें कैद कर लिया और बाद में उन्हें मृत्युदंड दे दिया गया। एक अन्य कहनी के अनुसार ,उन्होंने अपनी मृत्यु से ओहले “आपके वैलेंटाइन की ओर से” लिखकर एक संदेश भेजा था। समय के साथ ,यह मध्य युग में विशेष रूप से रोमांस ,प्रेम और स्नेह से जुड़ गया ।अभी सारा विश्व में ये त्यहार माना जाता है।
Love is blind
वैज्ञानिक भी कहते है प्यार एक अंधा होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार ,प्यार की सुरुआत में डोपामाइन और नरआंद्रेनालिन जैसे केमिकल लेवल बढ़ जाता है। लेकिन इससे प्रतिरोध करने की क्षमता कम हो जाता है। अमेरिका के न्यूरोसाइंस संस्थान में किए है शोध से पता चला है कि प्यार की भावना पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है। जल से जुड़े लोग इसमें अधिक भावनात्मक श्रद्धा का अनुभव करते हैं। जितना अधिक मन उस पर केंद्रीत होता है, उतनी ही अधिक भावनाएँ उस पर निर्भर होता हैं। उनके मत अनुसार प्रेम आकर्षक और विकर्षण है।
इस मनः स्थिति में व्यक्ति दूसरे की प्रति आकर्षित होता है। उस दौरान कई नकारात्मक भावना उत्पन्न नहीं होती।इसी कारण कहते हैं प्यार अंधा होता है।

Forgive for love
अक्सर दिल टूट जाता है,आगे बढ़ने के बजाय इनसान दर्द ओर पीड़ा में ही रुक जाता है। समय के साथ यह पीड़ा अंतकहीन गति से बढ़ती ही जाती है। इसलिए नुकसान अपने आप में स्वाभाविक है। यह जानना जरूरी है कि मानविय प्रेम मूल रूप से स्नेह है; लेकिन सच्चा प्रेम तब होती है जब व्यक्ति स्वयं से और ईश्वर से प्रेम करना है, दिल टूटना जीवन का हिस्सा है। फिर ,अपनी गलती को स्वीकार करना स्वयं को और दूसरों को क्षमा करना और बेहतर मानवीय चेतना के मार्ग पर आगे बढ़ना ही जीवन की चुनौती है।’क्षमा मन के बोझ को हल्का कर सकती है।यह रिश्तों में एक नई शुरुआत का अवसर देती है। भावनात्मक या व्यक्तिगत प्रेम के बजाय मित्रता ,परिवार और आत्मा-प्रेम पर जोर देना शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से शसक्त बनान वाला हो सकता है।
Love is 27 type
कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी का रिसर्चर डेसर्ट केल्टनर और एलन केचन रिसर्च के अनुसार , इंसान आने शारीर और मन में 27 प्रकार अलग-अलग इमोशन महासुर करते हैं, जो मोटे तौर पर प्यार के इमोशन से जुड़े होते हैं।
ये 27 इमोशन है –
1-प्रशंसा करना।
2- आधिक गहराई और श्रद्धा के साथ उपासना करने के लिए।
3- सौंदर्यशास्त्र से आकर्षित।
4- मनोरंजन या मौज – मस्ती।
5- प्रियजनों के लिए चिंता व्यक्त करना।
6- भय के साथ- साथ सम्नान और श्रद्धा।
7-प्रेम में उदासी ,अनिश्चितता या बेचैनी।
8- रस्ते टूटने से अवसाद।
9- शांति और आराम ढूढना।
10- प्रेम को लेकर भ्रम या उलझन में पड़ जाना ।
11- प्रिय जन कि पाने की तीव्र इच्छा होना।
12- किसी बात पर चिड़चिड़ापन
13- आपनों की कठिनाइयों को समझना और उनके प्रति सहानुभूति रखना।
14- किसी की उपस्तिथि से मोहित हो जाना।
15- प्यार में ईर्ष्या।
16-भवुक प्यार ।
17- रोमांचक एहसास।
18- किछूट जाने का डर।
19- आगे नुकसान का खतरा।
20- कोई रुचि आकर्षण ।
21-पाकर बहुत खुसी हुए।
22- पुरानी यादों में ख़ुसी या उदासी महसूस करना।
23- फैलाव के भीतर आकर्षण ।
24- रिश्ते की संतुष्टि।
25- सहरीरिक आकर्षण ।
26- महनुभूति या सहानुभुति दिखाना
27- खुशी में, जीत की ।
Love Mind
हर इंसानियों सिर में 1300 ग्राम वजन का मस्तिक है।ये मस्तिक सभी भावनाओं का रहस्य करण है। मतिष्क में स्त्रावित्त होने वाले रासायनिक पदार्थ और व्यक्ति की अनुवांशिक संरचना भी किसी के प्रति तीव्र आकर्षण की भावना के किए जिम्मेदार होते हैं। जो उन्हें आपके मन और मस्तिष्क का पूर्ण अधिकारी बना देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डोपामाईन और नारएपिनेफ्रिन जैसे रासायन प्रेम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसमें दूसरे व्यक्ति की गंध ,अबाज, शारिरिक बनावट और मनोदशा बेहद सुखद लगती है। मनोबैज्ञानिकों के अनुसार यही रासायनिक प्रक्रिया व्यक्त को इसके लिए तैयार करती है। एक दूसरे के साथ रहते से खुशी का अनुभव होता है। क्योंकि दोनों के बीच रासायनिक सामंजस्य होत है, उनकी उपस्थिति से हृदय गति तेज हो जाती है। मन सकता है कि वह सबसे अच्छा है। मस्तिष्क डोपामाइन ,नॉरएपिनेफ्रीन सीधे प्रेम की भावना से जुड़े होते हैं। यही वह चीज है जो प्रेम में पड़े लोगों को असीम ऊर्जा प्रदान करती है और प्रेम के दौरान भूख और नींद न आने का मुख्य कारण भी है।इसी प्रकार सेरेटिनिक की कमी प्रेम को अस्थायी रूप से अधर में रखती है। लेकिन एडिर्फिन हार्मोन सच्चे , स्थायी और समर्पित प्रेम का आधार है।
ऑक्सिटोसिन बंधनों ,विश्वास और आत्मयता को मजबूत करना है।प्रेम प्रकृति का सबसे सूरत जटिल भाव है लेकिन इसकी रासायन शास्त्र जटीलता को पूरी तरह से समझा।
Hert broken syndrome
हर साल फरवरी महीने दिलों ,गुलाबों और प्यार का महीना है। यह महीना रिश्तों का जश्व मनाने और दिल की सेहत पर ध्यान देने का एक शानदार अवसर है।दिल सिर्फ प्यार का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि यह शरीर को ताकत भी देता है।हालांकी ,प्रार में दिल टूटटे का असर भी दिल की सेहत पर पड़ सकता है। जिसे चिकित्सकिया रूप से ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है।

हृदय शरीर के एक विशेष्य अंग है।हृदय निरतंर कार्य करते है, ये जीवित कि लिए हेर दिन लगभग एक लाख बार धड़कता है। जाव आप किसीसे प्यार करते हैं,तो वह आपके दिल में एक विशेष स्थान बना लेते है।जब आप अपने प्रियजनों के साथ होता है, तो दिल की धड़कन अपने आप से तेज ही जाती है।जब । विशेषज्ञों का कहना है कि यह खुसी और आनंद हॄदय के स्वास्थ के लिए लाभकारी है। क्योंकि सिरता और शांति रक्तचाप को स्वस्थ रखती है। प्रेम की उपचार शक्ति हृदय के लिए फायदेमंद है। यहां तक कि अगर हॄदय की कोई समस्या हो,तो प्रेम से ठीक होने की दर बढ़ सकती है। शोध से यही पता चला है कि सुखी वैवाहिक जीवन जीने वाले लोग हॄदय रोग से जल्दी ठीक हो सकती हैं।न केवल प्रेमपूर्ण प्रेम ,बल्की मित्रों परिवार और यहां तक कि पालन जानवरों के साथ भी सुखद संबध हृदय के स्वास्थ्य के कि लिए कभकारी हिती हैं।
Expert Opinion
प्रेम में, जहाँ दिल का महत्व होता है, तोड़ना सवसे बड़ी गलती होती है । विशेषज्ञों का कहना है कि दिल टूटना सिर्फ एक भावना नहीं है। बल्की यह वास्तव में दिल की सेहत को प्रभावित करता है।भावनात्मक तनाब के कारण दिल की सेहत बगड़ जाती है और व्यक्ति को दिल टूटने की बीमारी ( टाकोत्सुबो) हो सकती है। कार्डियोमायोपेथी का शिकार भी हो सकता है।
सवसे पहले 1997 में ये स्तिस्थि उपलब्धी हुआ था। ताकोतसुवो एक जापानी आक्टोपश जाल का नाम है। ये सिन्ड्रोम हॄदय का आकार जल जैसे होता है। इस समस्याओं में हॄदय की मांसपेशियों कम जोर हो जाती है।इसलिए इसका सटीक निदान नही हो पाता। इसके कारण सीने में दर्ज ,धड़कन और हृदय गति तेज हो जाती है। हालाकि धमनियों में कई रुकावट नहीं आती। ये सिन्ड्रीम लड़कियों की तुलना में लड़कों में अधिक आम बताया गया है। केवल प्रेम नही बल्कि किसी भी प्रकार अत्यधिक मानसिक और अत्यधिक भावनात्मक तनाव इस सिन्ड्रीम का कारण हो सकता है।
Simbol of love
Hear या हॄदय जिस प्रेम की प्रतीक नाना जाता है, पान पत्ते के जैसे आकृति होता है,हालाकि एक वयस्क मनुष्य का हृदय वास्तव में एक त्रिकोणीय लाल अंग होता है।

प्रेम के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त हॄदय का आकार मूल रूप से सिल्फियम नामक वृक्ष के बिजों बसे लिया गया है। यूनानी इतिहासकार हेरोडोम के अनुसार ब, सिल्फियम के बीजों का उपयोग गर्भनिरोधक के रूप में किया जाता था। कुछ मामलों में, पुरूष अनवांछित गर्भधारण को रोकने के लिए अपनि महिला साथियों को ये बीज उपहार में देते थे। धीरे-धीरे ये बीज प्रेम का प्रतीक बन है, और सिल्फ़ीयम के बीज के आकार को लोगों ने हॄदय के आकार के रूप में आपना लिया
गुलाब और प्यार:-
लाल गुलाब को प्यार की अभिव्यक्ति का एक प्रमुख माध्यम माना जाता है। लेकिन अब यह परिभाषा बदल गई है। हर कोई चाहता है।की वे जो फूल दें,वे सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं से मेल खाएं,और उन्हें पसन्द आएं।अब जोड़े अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए और अपना प्यार को फूल माध्यम से एक-दूसरे को ऐसे फुल दे रहें है, ये फूल द्यारा संबध बढ़ता है।

ये गुलाब लेने-देने का अलग-अलग अर्थ हैं। इसलिए वैलेटाइन डे जैसे अवसरों पर लाल गुलाब के साथ-साथ इन फूलों की मांग भी बढ़ रही है।लिली के फूल निःशर्त प्रेम और शांति के प्रतीक माना जाता है। इसलिए रिश्ते की शुरुआत में कोई लोग एक -दुशरों को सफेद लिली या सफेद गुलाब लिली की गुलदस्ता देते है।
विदेशों में ट्यूलिप को प्यार का प्रतीक माना जाता है। अब भारतीय युवाओं ने भी इसे अपना लिया है और लाल और गुलाबी रिश्तों का एक विशेष प्रतीक बन गया है। प्रेम सम्मान और विलासिता का प्रतीक,यह फूल आप अनपे साथी को देकर उन्हें सुखद अनुभूति करा सकते हैं। विशेष रुप से नीले ऑर्किड की लोकप्रियता में बृद्धि हुई है।
सूर्य सकारात्मक और अटूट विस्वास का प्रतीक वन गई है,जो एक मजबूत रिश्ते के लिए आवश्यकता है। प्रेम व्यक्ति करने का एक सुंदर माध्यम भी सूर्य है।
