How to save invironmental in Hindi

How to save invironmental in Hindi

Write by . Ugrasen Behera

Asst. Teacher PGHSS Nuadihi.

synopsis;- आज का दिन पर्यावरण प्रदुषण की वजह से सभी जीवित चीज़ों को बहुत बड़ा खतरा है। इसका सुरक्षा अभी जरूरी है। पर्यावरण सुरक्षा का अर्थ है प्राकृत की रक्षा करना । इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों का बुधिमानी उपयोग करना ताकि आने वाली पीढ़ियोँ भी उनसे लाभान्वित हो सकें। इसके लिए बृक्षरोपण करना , जल और ऊर्जा को बचत करना,प्राकृतिक संसाधनों को उपयोग कम करना। वन्यजीवों की रक्षा करना, वनों की कटाई बंद कारण, औद्योगिक प्रदूषण और प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग जैसे मानवीय गतिविधियोँ संतुलन को बिगाड़ते हैं। इसलिए लोगों को उसके साथ पर्यावरण भी संतुलन रहंगे। इसलिए लोगों को पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनानी चाहिए ।जैसे कि पुनर्चक्रण करना, नवीकरणय ऊर्जा का उपयोग करना और आसपास के वातावरण को साफ रखना। पर्यावरण को सुरक्षित रखना सरकारों और व्यक्तियों दिनों की जिम्मेदारी है। पर्यावरण सुरक्षा में जैव विविधता को बनाए एखने में मदद करता है। मानव स्वास्थ्य में सुधार करता है भविष्य की रक्षा सुनिश्चित होगें।

What is Environment

हमारे चारों ओर मैजूद वह है पर्यावरण । अर्थात पर्यावरण से तात्पर्य उन सभी चीजों से है, जो जीवित प्राणियों को घेरा रहती हैं। जिसमें वायु,जल,भूमि,पेड़-पौधे साथ हर प्राणी शामिल हैं। यह जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधन जैसे आँक्सीजन, भोजन और आश्रय प्रदान करता है। पर्यावरण में सजीव घटक ( जैविक कारक ) और निर्जीव घटक ब( अजैविक कारक ) दोनों के साथ परस्पर क्रिया करते हैं।एक स्वस्थ पर्यावरण जैव विविधता का समर्थन करता है।और पारिस्तिथिक संतुलन बनाए रखता है। हालांकि ,प्रदूषण,वनों की कटाई और संसाधनों के अत्यधिक उपयोग जैसी मानवीय गतिविधिया इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। संरक्षण सतत प्रथाओं और जागरूकता के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करना पृथ्वी पर वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व और कल्याण के लिए आवश्यक है।

Because of Pollution.

आज की समय में पर्यावरण का हालत क्या है, सबको पता। पर्यावरण प्रदूषण पृथ्वी और जीव- जंतुओं पर कई हानिकारक प्रभाव डालता है।प्रदूषण तब हिती है जब धुआँ, रसायन,प्लास्टिक और अपशिष्ट जैसे हानिकारक पदार्थ हवा, पानी और मिट्टी में प्रवेश करते हैं। पर्यावरण प्रदूषण के करण हवा सांस लेने के लिए अस्वस्थ्यकर हो जाती है।और आस्थमा और फेफडों की समस्याओं जैसी बीमारियाँ पैदा कर सकती है।जल प्रदूषण जलीय जीवों को नुकसान पहुंचता है। पानी को पीने के लिए असुरक्षित बना देता है।

मिट्टी प्रदूषण भूमि की उर्वरता को कम करता है ,और कृषि को प्रभावित करता है। प्रदूषण ग्लोवल वार्मिंग और जालवायु परिवर्तन भी होती है। जो इसलिए स्वाथ्य पर्यावरण के लिए वृक्षरोपण ,प्लास्टिक का उपयोग काम करने, अपशिष्ट पुनर्चक्रण और प्रकृति की रक्षा करके प्रदूषण को नियंत्रण करना बहुत महत्वपूर्ण है।

Main couse of Pollution.

प्रदूषण के मुख्य कारण अधिकतर मानविय गतिविधियों से संबंधित हैं। कुछ प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

1- औद्योगिक गतिविधियों- कारखाने हवा और पानी में हानिकारक गैसें और रसायन छोड़ते हैं।

2- वाहनों से निकलने वाला धुआँ – कार ,बस और ट्रक ईंधन जलाते हैं और धुंआ उत्पन्न करते हैं जो हवा को प्रदूषित करते है।

3- जीवाश्म इंधनों का दहन -कोयला, पेट्रोल, और डीजल कार्बन डाईऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसें छोड़ते हैं।

4- वनों की कटाई- पेड़ों को काटने से वायुमंडल में ऐंकसीजेन की मात्रा कम हो जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है5- प्लास्टिक और कचरे का निपटान- जमीन और पानी में कूड़ा और प्लास्टिक फेंकने से मिट्टी और जल प्रदूषण होती है।

5- प्रदूषण बढ़ने का अन्य एक प्रमुख कारण जनसंख्या की वृद्धिब- जन संख्या वृधि के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है। इसके कारण मार्ग निर्माण, गृह निर्माण, कंपनी निर्माण आदि बढ़ती हैं। जो परिवेश प्रदूषण की मुख्य हिस्सा है।।

How to save from Pollution.

मानव समाज की कुछ आदत जो पर्यावरण प्रदूषण का एक हिस्सा है। हमारी रोज़ की आदतों भी पर्यावरण प्रदूषण का कारण हो सकती हैं। पर्यावरण को प्रदूषण से बचने के लिए, लोगों को जिम्मेदार आदतों अपनानी चाहिए । प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए। प्लास्टिक का उययोग कम करना, कचरे का पुनर्चक्रण करना और कुड़े का उचित निपटने करना प्रदूषण को काफी हद तक कम कर सकती है। अधिक पेड़ लगाने से हवा को सुद्ध करने और परिस्तितिक संतुलन बनाए एखने में मदद मिलती है। सार्वजनिक परिवहन,साइकिल या इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग करने से वायु प्रदूषण कम हो सकता है। उद्योगों को कचरे को पानी या हवा में छोड़ने से पहले उसका उपचार करना चाहिए। ऊर्जा संरक्षण और संलर एवं पनव ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत्रों का उपयोग करना चाहिए। चाहिए। ये पद्धति पर्यावरण रक्षा में सहायक होंगे। प्रदूषण को नियंत्रित करने और अने बाली पीढ़ियों के लिए स्वस्छ और स्वस्थ रखेंगे। इसलिए सुनिश्चित करने के लिए जन जागरूकता और सरकार के सख्म नियम को अनुपालन करना हैं।

Pollution free environment benefits.

प्राकृति परिवेश हर जीव को चाहिए, इंसान से जानवर तक। प्रदूषण मुक्त वातावरण से मनुष्यों,जानवरों और प्रकृति को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं।

1- बहतर स्वाथ्य: स्वछ हवा और पानी से अस्थमा, फेफड़ों के संक्रमण और जलजनित बीमारियों जैसी बीमारियां कम होति हैं।

2- स्वछ- हवा:-ताजी हवा से लोगों को आसानी से सांस लेने में मदद मिलती है। और समग्र स्वस्थ में सुधार होती है।

3- सुरक्षित पेयजल: प्रदूषण मुक्त नदियॉं और झीलें दैनिक उपयोग के लिए स्वच्छ और सुरक्षित जल प्रदान करती हैं।

4-वन्यजीवों का संरक्षण: स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण में पशु और पौधे सुरक्षित रूप से पनपते हैं।

5- जीवन की बेहतर गुणवत्ता: स्वच्छ वातावरण शहरों और गांवों को रहने के लिए अधिक सुखद बनाता है।

6- संतुलित परिस्थितिकी तंत्र: प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रकृति का संतुलन बनाए रखता है और जैव विविधता का समर्थन करता है।

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